सम्पूर्ण हिन्दू पुराण ग्रन्थ परिचय हिंदी में All Vedic Puranas in Hindi

सम्पूर्ण हिन्दू पुराण ग्रन्थ परिचय हिंदी में

All Hindi Puraan Granth Information in Hindi

जानिए सभी पुराणों का सक्षिप्त वर्णन

महर्षि वेदव्यास ने, पुराणों को हमारी प्राचीन भाषा संस्कृत में संकलन किया है। पुराण शब्द का शाब्दिक अर्थ है, प्राचीन, यानि पुराना, पुराण हिन्दू धर्म के प्राचीनतम ग्रँथ हैं। उन में लिखित ज्ञान, और नैतिकता की बातें, आज भी प्रासंगिक, अमूल्य, तथा मानव सभ्यता की आधारशिला हैं। वेदों की भाषा, तथा शैली कठिन है। इन्हे समझना इतना आसान नहीं हे। पुराण का ज्ञान, इन्ही वेदो का रोचक संस्करण हैं। उन में वर्णित जटिल तथ्यों को कथा,कहानिओ के माध्यम से समझाया गया है।

हमारे हिन्दू प्राचीन ग्रंथो में १८ पुराणों का वर्णन मिलता है। ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश को उन्ही पुराणों के मुख्य देव के रूप में दर्शाया गया है। तो आइये जानते हे, 18 पुराणों के नाम, और इनका संक्षिप्त महत्व।

 

1. ब्रह्मा पुराण (Brahma Purana)

यह पुराण सबसे प्राचीन पुराणों मेसे एक है। इस पुराण में, 246 अध्याय तथा 14000 श्लोक मिलते है। इसे आदिपुराण भी कहा गया है।
इसमें श्रष्टि की उत्पत्ति ,मनु ,मनु के वंश, देवताओ, और प्राणिओ की उत्पत्ति, तथा रामायण, ओर कृष्णावतार की कथा का वर्णन किया गया है। इस पुराण में तीर्थो का वर्णन भी मिलता है।

This Purana is one of the oldest Puranas. In this Purana, 246 chapters and 14000 verses are found. It has also been called Adipuran.
In this, the origin of creation, Manu, Manu’s descendants, the origin of gods and creatures, and the story of Ramayana, and Krishna Avatar have been described. The description of pilgrimages is also found in this Purana.

 

2. पद्म पुराण (Padma Purana)

पद्म पुराण में, 55000 श्लोक है। और यह ग्रंथ को, 5 खंडो में विभाजित किया गया है। श्रष्टिखंड, स्वर्गखंड , उत्तरखंड ,भूमिखंड ,और पातालखंड। इस ग्रंथ में, विष्णु भक्ति के अनेक तथ्यों के बारे में वर्णन किया गया है।

In Padma Purana, there are 55000 verses. And this book is divided into 5 sections. Shrishtikhand, Swargkhand, Uttarkhand, Bhumikhand, and Patalkhand. In this book, many facts about Vishnu Bhakti have been described.

 

3. विष्णु पुराण ( Vishnu Purana )

विष्णु पुराण में, 6 अंश और 23000 श्लोक मिलते है। यह ग्रंथ में भगवान् विष्णु को, मुख्य देवता के रूप में बताया गया है। इसमें कृष्णावतार, और बालक ध्रुव की कथाए भी मिलती है।

In Vishnu Purana, 6 parts and 23000 verses are found. Lord Vishnu is described as the main deity in this scripture. The stories of Krishna Avatar and child Dhruv are also found in it.

 

4. वायु पुराण अथवा शिव पुराण ( Vayu Purana or Shiva Purana)

इसे शिव पुराण भी कहते है। वायु पुराण में, 24000 श्लोक मिलते है। और इसे 7 संहिताओ में विभाजित किया गया है। इसमें शिव के बारे में वर्णन मिलता है। और काम पर विजय पाने के बारेमे भी वर्णन मिलता है।

It is also called Shiva Purana. In Vayu Purana, 24000 verses are found. And it is divided into 7 Samhitas. There is a description about Shiva in this. And there is also a description about conquering work.

 

5. भागवत पुराण (Bhagavata Purana)

यह अति प्रचलित पुराणों में से एक है। भागवत पुराण में 18000 श्लोक, और 12 स्कन्द मिलते है। इस ग्रंथ में भक्ति ज्ञान, तथा वैराग्य का वर्णन मिलता है। इस ग्रन्थ में, कृष्ण भक्ति के बारे में अधिक महत्व बताया गया है।

This is one of the most popular Puranas. There are 18000 verses and 12 skandas in the Bhagavata Purana. Devotion, knowledge and disinterest are described in this book. In this scripture, more importance is given about Krishna devotion.

 

 

6. नारद पुराण (Narada Purana)

यह ग्रंथ को, महापुराण भी कहा गया है। इसमें 15000 श्लोक है। और इसके 2 भाग है। नारद पुराण में, सभी 18 पुराणों का सार मिलता है। इसमें उत्सवों, तथा व्रतों का वर्णन मिलता है।

This book has also been called Mahapuran. It has 15000 verses. And it has 2 parts. In Narada Purana, the essence of all the 18 Puranas is found. In this description of festivals and fasts is found.

 

 

7. मार्कण्डेय पुराण (Markandeya Purana)

मार्कण्डेय पुराण प्राचीनतम पुराणों में से एक माना गया है। अन्य पुराणों की अपेक्षा मे, यह एक छोटा पुराण है। इस ग्रंथ में 9000 श्लोक, और 138 अध्याय मिलते है। इसमें अग्नि देव ,इंद्रदेव ,और सूर्यदेव जैसे वैदिक देवताओ का वर्णन मिलता है। इसमें श्री कृष्ण और देवी दुर्गा की कथाऔ का वर्णन है।

Markandeya Purana is considered one of the oldest Puranas. Compared to other Puranas, this is a small Purana. There are 9000 verses and 138 chapters in this book. In this description of Vedic deities like Agni Dev, Indra Dev, and Surya Dev is found. It describes the stories of Shri Krishna and Goddess Durga.

 

8. अग्नि पुराण (Agni Purana)

यह ग्रंथ को, भारतीय संस्कृति का ज्ञानकोष कह सकते है। अग्नि पुराण में, भगवान् विष्णु के अवतारों का वर्णन मिलता है। जैसे मत्स्य अवतार ,कूर्म अवतार , मोहिनी अवतार ,तथा रामायण, और महाभारत की कथाओ का भी वर्णन मिलता है। इसमें 383 अध्याय, और 15000 श्लोक है।

This book can be called, the encyclopedia of Indian culture. In the Agni Purana, the incarnations of Lord Vishnu are described. Such as the fish incarnation, the tortoise incarnation, the bewitcher incarnation, and the stories of the Ramayana, and the Mahabharata are also described. It has 383 chapters, and 15000 verses.

 

 

9. भविष्य पुराण (Bhavishya Purana)

इसे विष्यपुराण भी कहते है। इसमें भविष्य की घटनाओ का वर्णन मिलता है। जैसे, मौर्यवंश ,छत्रपति शिवाजी ,मुगलवंश, तथा मोहम्मद का जिक्र भी इस पुराण में किया गया है। इसमें 121 अध्याय, और 2800 श्लोक है।

It is also called Vishyapuran. It describes future events. For example, Maurya dynasty, Chhatrapati Shivaji, Mughal dynasty, and Mohammed have also been mentioned in this Purana. It has 121 chapters, and 2800 verses.

 

10. ब्रह्मवैवर्त पुराण (Brahmavaivarta Purana)

इसमें, गणेश ,लक्ष्मी ,सावित्री तथा, श्री कृष्ण के चरित्र का वर्णन किया गया है। इसे वैष्णव पुराण भी कहते है। इसमें आयुर्वेद का ज्ञान भी मिलता है। यह ग्रन्थ में, 18000 श्लोक, तथा 163 अध्याय वर्णित है।

In this, the character of Ganesha, Lakshmi, Savitri and Shri Krishna has been described. It is also called Vaishnava Purana. The knowledge of Ayurveda is also available in this. In this book, 18000 verses and 163 chapters are described.

 

 

11. लिंग पुराण (Linga Purana)

इस ग्रंथ में, शिव के सभी अवतारों की कथा मिलती है। इसमें अघोर विद्या का भी उल्लेख दिया गया है। इस ग्रंथ में 11000 श्लोक है, और 163 अध्याय मिलते है।

In this book, the story of all the incarnations of Shiva is found. Aghor Vidyaka is also mentioned in this. There are 11000 verses in this book, and 163 chapters are found.

 

12. वराह पुराण ( Varaha Purana)

वराह पुराण में, भगवान् विष्णु के वराह अवतार का वर्णन है। इस ग्रंथ में, 10000 श्लोक, और 217 स्कन्द है।

In the Varaha Purana, the Varaha incarnation of Lord Vishnu is described. In this text, there are 10000 verses, and 217 Skandas.

 

 

13. स्कन्द पुराण (Skanda Purana)

यह पुराण सबसे बड़ा पुराण है। इसमें 81000 श्लोक, और 6 खंड है। यह शिव के पुत्र, कार्तिकेय के नाम पर है। इसमें नक्षत्रो ,नदियों, तथा ज्योतिर्लिंगों का प्राचीन भारत का इतिहास मिलता है।

This Purana is the biggest Purana. It has 81000 verses, and 6 sections. It is named after Kartikeya, the son of Shiva. In this, the history of ancient India of Nakshatras, rivers and Jyotirlingas is found.

 

14. वामन पुराण ( Vamana Purana)

इसमें, भगवान् विष्णु के वामन अवतार की कथा विस्तार से बताई गई है। इस में 10000 श्लोक ,95 अध्याय, और 2 खंड है।

In this, the story of Lord Vishnu’s Vamana avatar is told in detail. It has 10000 verses, 95 chapters, and 2 sections.

 

15. कूर्म पुराण ( Kurma Purana)

इस पुराण में, चारो वेदो का संक्षिप्त सार मिलता है। इसमें, भगवान् विष्णु के कूर्म अवतार की कथा का वर्णन मिलता है। इस पुराण में, 18000 श्लोक, और 4 खंड है।

In this Purana, a brief summary of the four Vedas is found. In this, the story of the Kurma incarnation of Lord Vishnu is described. In this Purana, there are 18000 verses, and 4 sections.

 

 

16. मत्स्य पुराण  ( Matsya Purana )

इस पुराण में, विष्णुजी के मत्स्य अवतार का विस्तृत वर्णन मिलता है। तथा श्रुष्टि की उत्पति, तथा चंद्रवंशी राजाओ की सूचि भी मिलती है। इस पुराण में, 290 अध्याय, और 14000 श्लोक है।

In this Purana, a detailed description of the Matsya avatar of Vishnu is found. And the origin of Shrushti, and the list of Chandravanshi kings are also found. In this Purana, there are 290 chapters, and 14000 verses.

 

17. गरुड़ पुराण (Garuda Purana)

गरुड़ पुराण पुराण में, मृत्यु के बाद की घटना प्रेतलोक, यमलोक, तथा नरकलोक के बारे में, विस्तार से बताया गया है। कई लोग, इस ग्रन्थ को पढ़ने से हिचकिचाते है। क्यूंकि इसे किसी के मृत्यु के पश्चात् ही पढ़वाते है। गरुड़ पुराण में, 18000 श्लोक, और 279 अध्याय मिलते है।

In the Garuda Purana Purana, the events after death, Pretloka, Yamaloka, and Narkaloka, are explained in detail. Many people hesitate to read this book. Because it is read only after someone’s death. In Garuda Purana, 18000 verses, and 279 chapters are found.

 

18. ब्रह्माण्ड पुराण (Brahmanda Purana)

इस पुराण में, ब्रह्माण्ड के ग्रहो के बारे में बताया गया है। ब्रह्माण्ड पुराण में, परशुराम की कथा का वर्णन, और चंद्रवंशी, तथा सूर्यवंशी राजाओ के इतिहास का वर्णन भी मिलता है। ब्रह्माण्ड पुराण में, 1200 श्लोक, और पूर्व, मध्य, उत्तर जैसे 3 भाग मिलते है।

In this Purana, the planets of the universe are described. In the Brahmanda Purana, the description of the story of Parshuram, and the history of Chandravanshi, and Suryavanshi kings are also found. In Brahmanda Purana, 1200 verses, and 3 parts like Purva, Madhya, Uttara are found.

 

पुराण क्या है? ( What is Purana? )

पुराण का अर्थ है, ‘प्राचीन’ यानि ‘पुराना’। यह वैदिक काल के काफी समय के बाद इसकी रचना हुई। इसकी रचना संस्कृत भाषा में हुई। कुछ पुराण क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्ध कराये गए। इसमें वैदिक काल के देवी देवताओ ,ब्रह्माण्ड के बारेमे ,तीर्थयात्रा ,चिकित्सा ,और हमारे प्राचीन राजाओ की सूचि मिलती है।

The meaning of Purana is ‘ancient’ i.e. ‘old’. It was composed long after the Vedic period. It was composed in Sanskrit language. Some Puranas were also made available in regional languages. In this, the list of Gods and Goddesses of Vedic period, about the universe, pilgrimage, medicine, and our ancient kings is found.

 

सबसे प्राचीनतम पुराण कौन सा है? (Which is the oldest Purana?)

ब्रह्मा पुराण को प्राचीनतम पुराण बताया गया है ,इसे आदिपुराण भी कहते है।

Brahma Purana has been described as the oldest Purana, it is also called Adipurana.

 

गरुड़ पुराण पढ़ने से क्या होता है? ( What happens by reading Garuda Purana? )

अक्सर लोग गरुड़ पुराण पढ़ने से हिचकिचाते है, क्यूंकि गरुड़ पुराण को किसी की मृत्यु के पश्चात् पढ़वाया जाता है। इस पुराण में मृत्यु के पश्चात् मिलने वाले कष्टों और कर्म कांडो के बारे में बताया गया है।

Often people hesitate to read Garuda Purana, because Garuda Purana is recited after someone’s death. In this Purana, it has been told about the sufferings and rituals after death.

 

पुराण के रचयिता कौन थे? (Who was the author of the Puranas?)

महर्षि वेद व्यासजी ने 18 पुराणों रचना की थी। महाभारत महाकाव्य भी उन्ही की रचना है।

Maharishi Ved Vyas ji had composed 18 Puranas. The Mahabharata epic is also his creation.

 

सबसे बड़ा पुराण कौन सा है? (Which is the biggest Purana?)

स्कन्द पुराण 18 पुराणों में सबसे बड़ा पुराण है। इसमें नदी, नक्षत्रों और प्राचीन भारत के इतिहास के बारे मे विस्तार से वर्णन किया गया है।

Skanda Purana is the biggest of the 18 Puranas. In this, the history of the river, constellations and ancient India has been described in detail.

 

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