व्रत और त्यौहार

प्राचीन या पौराणिक काल में रक्षा बंधन की राखी को क्या कहते थे

प्राचीन या पौराणिक काल में रक्षा बंधन की राखी को क्या कहते थे

ज्ञान कोष, व्रत और त्यौहार
भाई बहन के त्योहार रक्षा बंधन पर इस संबंध में 5 खास बातें हैं जो राखी बांधी जाती है उसका नाम रखी कब रखा गया और राखी के पहले प्राचीन या पौराणिक काल में उसे क्या कहते थे। आओ जानते है 1. कहते हैं कि राक्ष को पहले 'रक्षा सूत्र' कहते थे। यह रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा वैदिक काल से रही है जबकि व्यक्ति को यज्ञ, युद्ध, आखेट, नए संकल्प और धार्मिक अनुष्ठान के दौरान कलाई पर नाड़ा या सू‍त का धागा जिसे 'कलावा' या 'मौली' कहते हैं- बांधा जाता था। 2. यही रक्षा सूत्र आगे चलकर पति-पत्नी, मां-बेटे और फिर भाई-बहन के प्यार का प्रतीक बन गया। रक्षा बंधन के अलावा भी अन्य कई धार्मिक मौकों पर आज भी रक्षा सूत्र (नाड़ा) बांधा जाता है। 3. रक्षा सूत्र को बोलचाल की भाषा में राखी कहा जाता है जो वेद के संस्कृत शब्द 'रक्षिका' का अपभ्रंश है। मध्यकाल में इसे राखी कहा जाने लगा। 4. भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार को ...
आल्हा छठी मईया के – Aalha Chhath Maiya Ke | Sanjo Baghel | Chhath Pooja Geet

आल्हा छठी मईया के – Aalha Chhath Maiya Ke | Sanjo Baghel | Chhath Pooja Geet

New Hindi Bhajan Lyrics, व्रत और त्यौहार
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