ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया || Naa Kiya Hari Bhajan Janam Vyarth Kho Diya Amritvani Bhajan Full Hindi Lyrics By Gyanendra Sharma

 

#BHAKTIGAANE #AmritvaniBhajan
Lyrics Name:ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया
Singer Name:Gyanendra Sharma
Album Name:Amritvani Bhajan
Published Year:2017
File Size:10:MB
Time Duration:7:26




View In English Lyrics

ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया
हरी से नहीं लगन के जनम व्यर्थ खो दिया

ना किया हरी भजन के
जनम व्यर्थ खो दिया

हरी से नहीं लगन के
जनम व्यर्थ खो दिया

ना किया हरी भजन
जनम व्यर्थ खो दिया

पैदा हुआ तो आयी बहार
ख़ुशी सभी को हुए अपर

उलझा जगत के धंधो में
और हरी को दिया बिसार

जग में हुआ मगन के जनम व्यर्थ खो दिया
ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया

मुझ मनाता हुआ जवान

फिर भटकता यहाँ वह
भले बुरे सब कर्मा किया
किया होश में हर एक नशा

जल्दी हुआ पतन के जनम व्यर्थ खो दिया
ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया

हुआ धनि तो धन का गुरुर
रूप मिला तो तन्न का गुरुर

अभिमान में फूल गया
मैं ही मैं रह गयी हज़ूर
सब कुछ भूल गया

मैं को मिला कफ़न के जनम व्यर्थ खो दिया
ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया

काम करे ना हाथ और पेअर
बनाने लगे सब अपने गैर

खैर खबर कोई पूछे ना
सब का हुआ फिर मुझसे बैर

बूढ़ा हुआ बदन बूढ़ा हुआ बदन
बूढ़ा हुआ बदन के जनम व्यर्थ खो दिया
ना किया हरी भजन जनम व्यर्थ खो दिया

ना किया हरी भजन के जनम व्यर्थ खो दिया
हरी से नहीं लगन के जनम व्यर्थ खो दिया

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