Shadow

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-7 Shlok-21॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक सप्तम अध्याय – एकविंशतिः श्लोक ॥

geeta image ch-7 sl-21#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK
#MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER7SHLOK
#GEETASHLOK #GEETAUPDESH
#BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH
Geeta Shlok/Lyrics Name:यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रद्धयार्चितुमिच्छति।yo yo yaan yaan tanun bhaktah shraddhayaarchitumichchhati.
Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Mahakavya
Published Year : 2016
File Size:250Kb Time Duration:00:14


      Shrimad-Bhagwad-Geeta-Ch-7-Sl-21

View In English Lyrics


यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रद्धयार्चितुमिच्छति।
तस्य तस्याचलां श्रद्धां तामेव विदधाम्यहम्।।

॥ श्लोक का अर्थ ॥

उन कामी पुरुषोंमेंसे जोजो सकाम भक्त जिसजिस देवताके स्वरूपका श्रद्धा और भक्तियुक्त होकर अर्चनपूजन करना चाहता है उसउस भक्तकी देवताविषयक उस श्रद्धाको मैं अचल स्थिर कर देता हूँ। अभिप्राय यह कि जो पुरुष पहले स्वभावसे ही प्रवृत्त हुआ जिस श्रद्धाद्वारा जिस देवताके स्वरूपका पूजन करना चाहता है (उस पुरुषकी उसी श्रद्धाको मैं स्थिर कर देता हूँ )।

Download-Button1-300x157


Pleas Like And Share This @ Your Facebook Wall We Need Your Support To Grown UP | For Supporting Just Do LIKE | SHARE | COMMENT ...


Leave a Reply