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Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-5 Shlok-23 ॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक पंचम अध्याय – त्रयोविंशति श्लोक ॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-5 Shlok-23 ॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक पंचम अध्याय – त्रयोविंशति श्लोक ॥

गीता श्लोक - Geeta Shlok's With Hindi Meaning
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER5SHLOK23 #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name : शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात् कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः ॥ shaknoteehaiv yah sodhun praakshareeravimokshanaat.kaamakrodhodbhavan vegan sa yuktah sa. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Mahakavya Published Year : 2016 File Size : 67 Kb Time Duration : 0:17 Min View In English Lyrics शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात् । कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः ।।5.23।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ ।।5.23।। इस मनुष्य शरीर में जो कोई (मनुष्य) शरीर छूटने से पहले ही काम क्रोध से उत्पन्न होने वाले वेग को सहन करने में समर्थ होता है वह नर योगी है और वही सुखी है । ...