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Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-14 Shlok-19॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक चतुर्दश अध्याय –नवदश श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-14 Shlok-19॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक चतुर्दश अध्याय –नवदश श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER14SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:नान्यं गुणेभ्यः कर्तारं यदा द्रष्टानुपश्यति।naanyan gunebhyah kartaaran yada drashtaanupashyati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:65Kb: Time Duration:00:15 View In English नान्यं गुणेभ्यः कर्तारं यदा द्रष्टानुपश्यति। गुणेभ्यश्च परं वेत्ति मद्भावं सोऽधिगच्छति।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जब विवेकी (विचारकुशल) मनुष्य तीनों गुणोंके सिवाय अन्य किसीको कर्ता नहीं देखता और अपनेको गुणोंसे पर अनुभव करता है? तब वह मेरे स्वरूपको प्राप्त हो जाता है। ...