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Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-14॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुर्दश श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-14॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुर्दश श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अधिष्ठानं तथा कर्ता करणं च पृथग्विधम्।adhishthaanan tatha karta karanan ch prthagvidham. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:72Kb: Time Duration:00:19 View In English अधिष्ठानं तथा कर्ता करणं च पृथग्विधम्। विविधाश्च पृथक्चेष्टा दैवं चैवात्र पञ्चमम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ इसमें (कर्मोंकी सिद्धिमें) अधिष्ठान तथा कर्ता और अनेक प्रकारके करण एवं विविध प्रकारकी अलगअलग चेष्टाएँ और वैसे ही पाँचवाँ कारण दैव (संस्कार) है ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-13॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रयोदश श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-13॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रयोदश श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे।panchaitaani mahaabaaho kaaranaani nibodh me. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे। सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे महाबाहो कर्मोंका अन्त करनेवाले सांख्यसिद्धान्तमें सम्पूर्ण कर्मोंकी सिद्धिके लिये ये पाँच कारण बताये गये हैं? इनको तू मेरेसे समझ। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-12॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्वादश श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-12॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्वादश श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अनिष्टमिष्टं मिश्रं च त्रिविधं कर्मणः फलम्।anishtamishtan mishran ch trividhan karmanah phalam. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:18 View In English अनिष्टमिष्टं मिश्रं च त्रिविधं कर्मणः फलम्। भवत्यत्यागिनां प्रेत्य न तु संन्यासिनां क्वचित्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ कर्मफलका त्याग न करनेवाले मनुष्योंको कर्मोंका इष्ट? अनिष्ट और मिश्रित -- ऐसे तीन प्रकारका फल मरनेके बाद भी होता है परन्तु कर्मफलका त्याग करनेवालोंको कहीं भी नहीं होता। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-11॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – एकादश श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-11॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – एकादश श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:न हि देहभृता शक्यं त्यक्तुं कर्माण्यशेषतः।na hi dehabhrta shakyan tyaktun karmaanyasheshatah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English न हि देहभृता शक्यं त्यक्तुं कर्माण्यशेषतः। यस्तु कर्मफलत्यागी स त्यागीत्यभिधीयते।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ कारण कि देहधारी मनुष्यके द्वारा सम्पूर्ण कर्मोंका त्याग करना सम्भव नहीं है। इसलिये जो कर्मफलका त्यागी है? वही त्यागी है -- ऐसा कहा जाता है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-10॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –दशम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-10॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –दशम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:न द्वेष्ट्यकुशलं कर्म कुशले नानुषज्जते।na dveshtyakushalan karm kushale naanushajjate. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English न द्वेष्ट्यकुशलं कर्म कुशले नानुषज्जते। त्यागी सत्त्वसमाविष्टो मेधावी छिन्नसंशयः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो अकुशल कर्मसे द्वेष नहीं करता और कुशल कर्ममें आसक्त नहीं होता? वह त्यागी? बुद्धिमान्? सन्देहरहित और अपने स्वरूपमें स्थित है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-9॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –नवम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-9॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –नवम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:कार्यमित्येव यत्कर्म नियतं क्रियतेऽर्जुन।kaaryamityev yatkarm niyatan kriyaterjun. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English कार्यमित्येव यत्कर्म नियतं क्रियतेऽर्जुन। सङ्गं त्यक्त्वा फलं चैव स त्यागः सात्त्विको मतः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे अर्जुन केवल कर्तव्यमात्र करना है -- ऐसा समझकर जो नियत कर्म आसक्ति और फलका त्याग करके किया जाता है? वही सात्त्विक त्याग माना गया है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-8॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-8॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:दुःखमित्येव यत्कर्म कायक्लेशभयात्त्यजेत्।duhkhamityev yatkarm kaayakleshabhayaattyajet. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17   View In English दुःखमित्येव यत्कर्म कायक्लेशभयात्त्यजेत्। स कृत्वा राजसं त्यागं नैव त्यागफलं लभेत्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो कुछ कर्म है? वह दुःखरूप ही है -- ऐसा समझकर कोई शारीरिक क्लेशके भयसे उसका त्याग कर दे? तो वह राजस त्याग करके भी त्यागके फलको नहीं पाता। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-7॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-7॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते।niyatasy tu sannyaasah karmano nopapadyate. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते। मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ नियत कर्मका तो त्याग करना उचित नहीं है। उसका मोहपूर्वक त्याग करना तामस कहा गया है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-6॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-6॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:एतान्यपि तु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा फलानि च।etaanyapi tu karmaani sangan tyaktva phalaani ch. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English एतान्यपि तु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा फलानि च। कर्तव्यानीति मे पार्थ निश्िचतं मतमुत्तमम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे पार्थ (पूर्वोक्त यज्ञ? दान और तप -- ) इन कर्मोंको तथा दूसरे भी कर्मोंको आसक्ति और फलोंका त्याग करके करना चाहिये -- यह मेरा निश्चित किया हुआ उत्तम मत है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-5॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पंचम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-5॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पंचम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:यज्ञदानतपःकर्म न त्याज्यं कार्यमेव तत्।yagyadaanatapahkarm na tyaajyan kaaryamev tat. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size69Kb: Time Duration:00:17 View In English यज्ञदानतपःकर्म न त्याज्यं कार्यमेव तत्। यज्ञो दानं तपश्चैव पावनानि मनीषिणाम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ यज्ञ? दान और तपरूप कर्मोंका त्याग नहीं करना चाहिये? प्रत्युत उनको तो करना ही चाहिये क्योंकि यज्ञ? दान और तप -- ये तीनों ही कर्म मनीषियोंको पवित्र करनेवाले हैं। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-4॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुर्थ श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-4॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुर्थ श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:निश्चयं श्रृणु मे तत्र त्यागे भरतसत्तम।nishchayan shrrnu me tatr tyaage bharatasattam. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English निश्चयं श्रृणु मे तत्र त्यागे भरतसत्तम। त्यागो हि पुरुषव्याघ्र त्रिविधः संप्रकीर्तितः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे भरतवंशियोंमें श्रेष्ठ अर्जुन तू संन्यास और त्याग -- इन दोनोंमेंसे पहले त्यागके विषयमें मेरा निश्चय सुन क्योंकि हे पुरुषश्रेष्ठ त्याग तीन प्रकारका कहा गया है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-3॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –तृतीय श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-3॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –तृतीय श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:त्याज्यं दोषवदित्येके कर्म प्राहुर्मनीषिणः।tyaajyan doshavadityeke karm praahurmaneeshinah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English त्याज्यं दोषवदित्येके कर्म प्राहुर्मनीषिणः। यज्ञदानतपःकर्म न त्याज्यमिति चापरे।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ श्रीभगवान् बोले -- कई विद्वान् काम्यकर्मोंके त्यागको संन्यास कहते हैं और कई विद्वान् सम्पूर्ण कर्मोंके फलके त्यागको त्याग कहते हैं। कई विद्वान् कहते हैं कि कर्मोंको दोषकी तरह छोड़ देना चाहिये और कई विद्वान् कहते हैं कि यज्ञ? दान और तपरूप कर्मोंका त्याग नहीं करना चाहिये। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-2॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्वितीय श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-2॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्वितीय श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:श्री भगवानुवाच काम्यानां कर्मणां न्यासं संन्यासं कवयो विदुः।shree bhagavaanuvaach kaamyaanaan karmanaan nyaasan sannyaasan kavayo viduh. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:76Kb: Time Duration:00:21 View In English श्री भगवानुवाच काम्यानां कर्मणां न्यासं संन्यासं कवयो विदुः। सर्वकर्मफलत्यागं प्राहुस्त्यागं विचक्षणाः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ श्रीभगवान् बोले -- कई विद्वान् काम्यकर्मोंके त्यागको संन्यास कहते हैं और कई विद्वान् सम्पूर्ण कर्मोंके फलके त्यागको त्याग कहते हैं। कई विद्वान् कहते हैं कि कर्मोंको दोषकी तरह छोड़ देना चाहिये और कई विद्वान् कहते हैं कि यज्ञ? दान और तपरूप कर्मोंका त्याग नहीं करन...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-1॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –प्रथम श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-1॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –प्रथम श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अर्जुन उवाच संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्।arjun uvaach sannyaasasy mahaabaaho tattvamichchhaami veditum. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:84Kb: Time Duration:00:25 View In English अर्जुन उवाच संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्। त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ अर्जुन बोले -- हे महाबाहो हे हृषीकेश हे केशिनिषूदन मैं संन्यास और त्यागका तत्त्व अलगअलग जानना चाहता हूँ। ...