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श्रीमदभगवदगीता चतुर्थ  अध्याय सभी श्लोक || Shrimad Bhagwad Geeta Chapter-4 All Shlok

श्रीमदभगवदगीता चतुर्थ अध्याय सभी श्लोक || Shrimad Bhagwad Geeta Chapter-4 All Shlok

श्रीमद भगवद गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #KRISHNAUPDESH #MAHAKAVYASHLOK Lyrics Name:श्रीमदभगवदगीता चतुर्थ अध्याय सभी श्लोक Album Name:Bhgwad Geeta Mahakavya Published Year:2017 View In English Lyrics श्री भगवानुवाच इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् । विवस्वान् मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ।।4.1।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ ।।4.1।। श्रीभगवान् बोले मैंने इस अविनाशी योग को सूर्य से कहा था । फिर सूर्य ने (अपने पुत्र) वैवस्वत मनु से कहा और मनु ने (अपने पुत्र) राजा इक्ष्वाकुसे कहा । एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः । स कालेनेह महता योगो नष्टः परन्तप ।।4.2।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ ।।4.2।। हे परंतप इस तरह परम्परा से प्राप्त इस योग को राजर्षियों ने जाना । परन्तु बहुत समय बीत जाने के कारण वह योग इस मनुष्य लोक में लुप्तप्राय हो गया । स एवायं
श्रीमदभगवदगीता तृतीय अध्याय सभी श्लोक || Shrimad Bhagwad Geeta Chapter-3 All Shlok

श्रीमदभगवदगीता तृतीय अध्याय सभी श्लोक || Shrimad Bhagwad Geeta Chapter-3 All Shlok

श्रीमद भगवद गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH #MAHAKAVYASHLOK Lyrics Name:श्रीमदभगवदगीता तृतीय अध्याय सभी श्लोक Album Name:Shrimad Bhgwad Geeta Mahakavya Published Year:2017 View In English Lyrics अर्जुन उवाच ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन। तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव।।3.1।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ ।।3.1 3.2।। अर्जुन बोले हे जनार्दन अगर आप कर्म से बुद्धि(ज्ञान) को श्रेष्ठ मानते हैं तो फिर हे केशव मुझे घोर कर्म में क्यों लगाते हैं आप अपने मिले हुए वचनों से मेरी बुद्धि को मोहित सी कर रहे हैं । अतः आप निश्चय करके एक बात कहिये जिससे मैं कल्याण को प्राप्त हो जाऊँ । व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे । तदेकं वद निश्िचत्य येन श्रेयोऽहमाप्नुयाम् ।।3.2।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ ।।3.1 3.2।। अर्जुन बोले हे
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-78॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टसप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-78॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टसप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः।yatr yogeshvarah krshno yatr paartho dhanurdharah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जहाँ योगेश्वर भगवान् श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीवधनुषधारी अर्जुन हैं? वहाँ ही श्री? विजय? विभूति और अचल नीति है -- ऐसा मेरा मत है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-77॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तसप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-77॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तसप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:तच्च संस्मृत्य संस्मृत्य रूपमत्यद्भुतं हरेः।tachch sansmrty sansmrty roopamatyadbhutan hareh. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English तच्च संस्मृत्य संस्मृत्य रूपमत्यद्भुतं हरेः। विस्मयो मे महान् राजन् हृष्यामि च पुनः पुनः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे राजन् भगवान् श्रीकृष्णके उस अत्यन्त अद्भुत विराट्रूपको याद करकरके मेरेको बड़ा भारी आश्चर्य हो रहा है और मैं बारबार हर्षित हो रहा हूँ।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-76॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्सप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-76॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्सप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:राजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम्।raajansansmrty sansmrty sanvaadamimamadbhutam. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English राजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम्। केशवार्जुनयोः पुण्यं हृष्यामि च मुहुर्मुहुः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे राजन् भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनके इस पवित्र और अद्भुत संवादको याद करकरके मैं बारबार हर्षित हो रहा हूँ।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-75॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चसप्ततिःश्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-75॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चसप्ततिःश्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:व्यासप्रसादाच्छ्रुतवानेतद्गुह्यमहं परम्।vyaasaprasaadaachchhrutavaanetadguhyamahan param. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English व्यासप्रसादाच्छ्रुतवानेतद्गुह्यमहं परम्। योगं योगेश्वरात्कृष्णात्साक्षात्कथयतः स्वयम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ व्यासजीकी कृपासे मैंने स्वयं इस परम गोपनीय योग (गीताग्रन्थ) को कहते हुए साक्षात् योगेश्वर भगवान् श्रीकृष्णसे सुना है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-74॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःसप्ततिःश्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-74॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःसप्ततिःश्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सञ्जय उवाच इत्यहं वासुदेवस्य पार्थस्य च महात्मनः।sanjay uvaach ityahan vaasudevasy paarthasy ch mahaatmanah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:74Kb: Time Duration:00:20 View In English सञ्जय उवाच इत्यहं वासुदेवस्य पार्थस्य च महात्मनः। संवादमिममश्रौषमद्भुतं रोमहर्षणम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ सञ्जय बोले -- इस प्रकार मैंने भगवान् वासुदेव और महात्मा पृथानन्दन अर्जुनका यह रोमाञ्चित करनेवाला अद्भुत संवाद सुना।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-73॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – त्रिसप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-73॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – त्रिसप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अर्जुन उवाच नष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत।arjun uvaach nashto mohah smrtirlabdha tvatprasaadaanmayaachyut. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:74Kb: Time Duration:00:20 View In English अर्जुन उवाच नष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत। स्थितोऽस्मि गतसन्देहः करिष्ये वचनं तव।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ अर्जुन बोले -- हे अच्युत आपकी कृपासे मेरा मोह नष्ट हो गया है और स्मृति प्राप्त हो गयी है। मैं सन्देहरहित होकर स्थित हूँ। अब मैं आपकी आज्ञाका पालन करूँगा।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-72॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्विसप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-72॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्विसप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:कच्चिदेतच्छ्रुतं पार्थ त्वयैकाग्रेण चेतसा।kachchidetachchhrutan paarth tvayaikaagren chetasa. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English कच्चिदेतच्छ्रुतं पार्थ त्वयैकाग्रेण चेतसा। कच्चिदज्ञानसंमोहः प्रनष्टस्ते धनञ्जय।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे पृथानन्दन क्या तुमने एकाग्रचित्तसे इसको सुना और हे धनञ्जय क्या तुम्हारा अज्ञानसे उत्पन्न मोह नष्ट हुआ
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-71॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकसप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-71॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकसप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:श्रद्धावाननसूयश्च श्रृणुयादपि यो नरः।shraddhaavaananasooyashch shrrnuyaadapi yo narah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English श्रद्धावाननसूयश्च श्रृणुयादपि यो नरः। सोऽपि मुक्तः शुभाँल्लोकान्प्राप्नुयात्पुण्यकर्मणाम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ श्रद्धावान् और दोषदृष्टिसे रहित जो मनुष्य इस गीताग्रन्थको सुन भी लेगा? वह भी सम्पूर्ण पापोंसे मुक्त होकर पुण्यकारियोंके शुभ लोकोंको प्राप्त हो जायगा।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-70॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-70॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः।adhyeshyate ch ya iman dharmyan sanvaadamaavayoh. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः। ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो मनुष्य हम दोनोंके इस धर्ममय संवादका अध्ययन करेगा? उसके द्वारा भी मैं ज्ञानयज्ञसे पूजित होऊँगा -- ऐसा मेरा मत है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-69॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – नवषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-69॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – नवषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:न च तस्मान्मनुष्येषु कश्िचन्मे प्रियकृत्तमः।na ch tasmaanmanushyeshu kashichanme priyakrttamah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English न च तस्मान्मनुष्येषु कश्िचन्मे प्रियकृत्तमः। भविता न च मे तस्मादन्यः प्रियतरो भुवि।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ उसके समान मेरा अत्यन्त प्रिय कार्य करनेवाला मनुष्योंमें कोई भी नहीं है और इस भूमण्डलपर उसके समान मेरा दूसरा कोई प्रियतर होगा भी नहीं।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-68॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-68॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति।ya iman paraman guhyan madbhakteshvabhidhaasyati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति। भक्ितं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ मेरेमें पराभक्ति करके जो इस परम गोपनीय संवाद(गीताग्रन्थ) को मेरे भक्तोंमें कहेगा? वह मुझे ही प्राप्त होगा -- इसमें कोई सन्देह नहीं है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-67॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-67॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन।idan te naatapaskaay naabhaktaay kadaachan. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन। न चाशुश्रूषवे वाच्यं न च मां योऽभ्यसूयति।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ यह सर्वगुह्यतम वचन अतपस्वीको मत कहना अभक्तको कभी मत कहना जो सुनना नहीं चाहता? उसको मत कहना और जो मेरेमें दोषदृष्टि करता है? उससे भी मत कहना।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-66॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्षष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-66॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्षष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।sarvadharmaanparityajy maamekan sharanan vraj. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ सम्पूर्ण धर्मोंका आश्रय छोड़कर तू केवल मेरी शरणमें आ जा। मैं तुझे सम्पूर्ण पापोंसे मुक्त कर दूँगा? चिन्ता मत कर।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-65॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-65॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।manmana bhav madbhakto madyaajee maan namaskuru. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु। मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ तू मेरा भक्त हो जा? मेरेमें मनवाला हो जा? मेरा पूजन करनेवाला हो जा और मेरेको नमस्कार कर। ऐसा करनेसे तू मेरेको ही प्राप्त हो जायगा -- यह मैं तेरे सामने सत्य प्रतिज्ञा करता हूँ क्योंकि तू मेरा अत्यन्त प्रिय है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-64॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-64॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः।sarvaguhyataman bhooyah shrrnu me paraman vachah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:66Kb: Time Duration:00:16 View In English सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः। इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ सबसे अत्यन्त गोपनीय वचन तू फिर मेरेसे सुन। तू मेरा अत्यन्त प्रिय है? इसलिये मैं तेरे हितकी बात कहूँगा।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-63॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रिषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-63॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रिषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया।iti te gyaanamaakhyaatan guhyaadguhyataran maya. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:16 View In English इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया। विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ यह गुह्यसे भी गुह्यतर (शरणागतिरूप) ज्ञान मैंने तुझे कह दिया। अब तू इसपर अच्छी तरहसे विचार करके जैसा चाहता है? वैसा कर।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-62॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – द्विषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-62॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – द्विषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत।tamev sharanan gachchh sarvabhaaven bhaarat. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत। तत्प्रसादात्परां शान्तिं स्थानं प्राप्स्यसि शाश्वतम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे भरतवंशोद्भव अर्जुन तू सर्वभावसे उस ईश्वरकी ही शरणमें चला जा। उसकी कृपासे तू परमशान्ति(संसारसे सर्वथा उपरति) को और अविनाशी परमपदको प्राप्त हो जायगा।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-61॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-61॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।eeshvarah sarvabhootaanaan hrddesherjun tishthati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति। भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे अर्जुन ईश्वर सम्पूर्ण प्राणियोंके हृदयमें रहता है और अपनी मायासे शरीररूपी यन्त्रपर आरूढ़ हुए सम्पूर्ण प्राणियोंको (उनके स्वभावके अनुसार) भ्रमण कराता रहता है।
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-60॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-60॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा।svabhaavajen kauntey nibaddhah sven karmana. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा। कर्तुं नेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यवशोऽपि तत्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे कुन्तीनन्दन अपने स्वभावजन्य कर्मसे बँधा हुआ तू मोहके कारण जो नहीं करना चाहता? उसको तू (क्षात्रप्रकृतिके) परवश होकर करेगा।