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Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-70॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्ततिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-70॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्ततिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः।adhyeshyate ch ya iman dharmyan sanvaadamaavayoh. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः। ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो मनुष्य हम दोनोंके इस धर्ममय संवादका अध्ययन करेगा? उसके द्वारा भी मैं ज्ञानयज्ञसे पूजित होऊँगा -- ऐसा मेरा मत है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-69॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – नवषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-69॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – नवषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:न च तस्मान्मनुष्येषु कश्िचन्मे प्रियकृत्तमः।na ch tasmaanmanushyeshu kashichanme priyakrttamah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English न च तस्मान्मनुष्येषु कश्िचन्मे प्रियकृत्तमः। भविता न च मे तस्मादन्यः प्रियतरो भुवि।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ उसके समान मेरा अत्यन्त प्रिय कार्य करनेवाला मनुष्योंमें कोई भी नहीं है और इस भूमण्डलपर उसके समान मेरा दूसरा कोई प्रियतर होगा भी नहीं। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-68॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-68॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति।ya iman paraman guhyan madbhakteshvabhidhaasyati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:70Kb: Time Duration:00:18 View In English य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति। भक्ितं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ मेरेमें पराभक्ति करके जो इस परम गोपनीय संवाद(गीताग्रन्थ) को मेरे भक्तोंमें कहेगा? वह मुझे ही प्राप्त होगा -- इसमें कोई सन्देह नहीं है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-67॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-67॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन।idan te naatapaskaay naabhaktaay kadaachan. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन। न चाशुश्रूषवे वाच्यं न च मां योऽभ्यसूयति।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ यह सर्वगुह्यतम वचन अतपस्वीको मत कहना अभक्तको कभी मत कहना जो सुनना नहीं चाहता? उसको मत कहना और जो मेरेमें दोषदृष्टि करता है? उससे भी मत कहना। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-66॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्षष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-66॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षट्षष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।sarvadharmaanparityajy maamekan sharanan vraj. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ सम्पूर्ण धर्मोंका आश्रय छोड़कर तू केवल मेरी शरणमें आ जा। मैं तुझे सम्पूर्ण पापोंसे मुक्त कर दूँगा? चिन्ता मत कर। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-65॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-65॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।manmana bhav madbhakto madyaajee maan namaskuru. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु। मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ तू मेरा भक्त हो जा? मेरेमें मनवाला हो जा? मेरा पूजन करनेवाला हो जा और मेरेको नमस्कार कर। ऐसा करनेसे तू मेरेको ही प्राप्त हो जायगा -- यह मैं तेरे सामने सत्य प्रतिज्ञा करता हूँ क्योंकि तू मेरा अत्यन्त प्रिय है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-64॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-64॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः।sarvaguhyataman bhooyah shrrnu me paraman vachah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:66Kb: Time Duration:00:16 View In English सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः। इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ सबसे अत्यन्त गोपनीय वचन तू फिर मेरेसे सुन। तू मेरा अत्यन्त प्रिय है? इसलिये मैं तेरे हितकी बात कहूँगा। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-63॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रिषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-63॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –त्रिषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया।iti te gyaanamaakhyaatan guhyaadguhyataran maya. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:16 View In English इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया। विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ यह गुह्यसे भी गुह्यतर (शरणागतिरूप) ज्ञान मैंने तुझे कह दिया। अब तू इसपर अच्छी तरहसे विचार करके जैसा चाहता है? वैसा कर। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-62॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – द्विषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-62॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – द्विषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत।tamev sharanan gachchh sarvabhaaven bhaarat. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत। तत्प्रसादात्परां शान्तिं स्थानं प्राप्स्यसि शाश्वतम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे भरतवंशोद्भव अर्जुन तू सर्वभावसे उस ईश्वरकी ही शरणमें चला जा। उसकी कृपासे तू परमशान्ति(संसारसे सर्वथा उपरति) को और अविनाशी परमपदको प्राप्त हो जायगा। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-61॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकषष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-61॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकषष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।eeshvarah sarvabhootaanaan hrddesherjun tishthati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति। भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे अर्जुन ईश्वर सम्पूर्ण प्राणियोंके हृदयमें रहता है और अपनी मायासे शरीररूपी यन्त्रपर आरूढ़ हुए सम्पूर्ण प्राणियोंको (उनके स्वभावके अनुसार) भ्रमण कराता रहता है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-60॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टिः श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-60॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –षष्टिः श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा।svabhaavajen kauntey nibaddhah sven karmana. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा। कर्तुं नेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यवशोऽपि तत्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे कुन्तीनन्दन अपने स्वभावजन्य कर्मसे बँधा हुआ तू मोहके कारण जो नहीं करना चाहता? उसको तू (क्षात्रप्रकृतिके) परवश होकर करेगा। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-59॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –नवपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-59॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –नवपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:यदहङ्कारमाश्रित्य न योत्स्य इति मन्यसे।yadahankaaramaashrity na yotsy iti manyase. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:66Kb: Time Duration:00:16 View In English यदहङ्कारमाश्रित्य न योत्स्य इति मन्यसे। मिथ्यैष व्यवसायस्ते प्रकृतिस्त्वां नियोक्ष्यति।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ अहंकारका आश्रय लेकर तू जो ऐसा मान रहा है कि मैं युद्ध नहीं करूँगा? तेरा यह निश्चय मिथ्या (झूठा) है क्योंकि तेरी क्षात्रप्रकृति तेरेको युद्धमें लगा देगी। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-58॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-58॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –अष्टपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:मच्चित्तः सर्वदुर्गाणि मत्प्रसादात्तरिष्यसि।machchittah sarvadurgaani matprasaadaattarishyasi. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:18 View In English मच्चित्तः सर्वदुर्गाणि मत्प्रसादात्तरिष्यसि। अथ चेत्त्वमहङ्कारान्न श्रोष्यसि विनङ्क्ष्यसि।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ मेरेमें चित्तवाला होकर तू मेरी कृपासे सम्पूर्ण विघ्नोंको तर जायगा और यदि तू अहंकारके कारण मेरी बात नहीं सुनेगा तो तेरा पतन हो जायगा। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-57॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-57॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –सप्तपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:चेतसा सर्वकर्माणि मयि संन्यस्य मत्परः।chetasa sarvakarmaani mayi sannyasy matparah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English चेतसा सर्वकर्माणि मयि संन्यस्य मत्परः। बुद्धियोगमुपाश्रित्य मच्चित्तः सततं भव।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ चित्तसे सम्पूर्ण कर्म मुझमें अर्पण करके? मेरे परायण होकर तथा समताका आश्रय लेकर निरन्तर मुझमें चित्तवाला हो जा। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-56॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – षट्पञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-56॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – षट्पञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सर्वकर्माण्यपि सदा कुर्वाणो मद्व्यपाश्रयः।sarvakarmaanyapi sada kurvaano madvyapaashrayah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17   View In English सर्वकर्माण्यपि सदा कुर्वाणो मद्व्यपाश्रयः। मत्प्रसादादवाप्नोति शाश्वतं पदमव्ययम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ मेरा आश्रय लेनेवाला भक्त सदा सब कर्म करता हुआ भी मेरी कृपासे शाश्वत अविनाशी पदको प्राप्त हो जाता है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-55॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-55॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –पञ्चपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:भक्त्या मामभिजानाति यावान्यश्चास्मि तत्त्वतः।bhaktya maamabhijaanaati yaavaanyashchaasmi tattvatah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English भक्त्या मामभिजानाति यावान्यश्चास्मि तत्त्वतः। ततो मां तत्त्वतो ज्ञात्वा विशते तदनन्तरम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ उस पराभक्तिसे मेरेको? मैं जितना हूँ और जो हूँ -- इसको तत्त्वसे जान लेता है तथा मेरेको तत्त्वसे जानकर फिर तत्काल मेरेमें प्रविष्ट हो जाता है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-54॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-54॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –चतुःपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:ब्रह्मभूतः प्रसन्नात्मा न शोचति न काङ्क्षति।brahmabhootah prasannaatma na shochati na kaankshati. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:67Kb: Time Duration:00:17 View In English ब्रह्मभूतः प्रसन्नात्मा न शोचति न काङ्क्षति। समः सर्वेषु भूतेषु मद्भक्तिं लभते पराम्।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ वह ब्रह्मभूतअवस्थाको प्राप्त प्रसन्न मनवाला साधक न तो किसीके लिये शोक करता है और न किसीकी इच्छा करता है। ऐसा सम्पूर्ण प्राणियोंमें समभाववाला साधक मेरी पराभक्तिको प्राप्त हो जाता है। ...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-53॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – त्रिपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-53॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – त्रिपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं परिग्रहम्।ahankaaran balan darpan kaaman krodhan parigraham. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं परिग्रहम्। विमुच्य निर्ममः शान्तो ब्रह्मभूयाय कल्पते।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो विशुद्ध (सात्त्विकी) बुद्धिसे युक्त? वैराग्यके आश्रित? एकान्तका सेवन करनेवाला और नियमित भोजन करनेवाला साधक धैर्यपूर्वक इन्द्रियोंका नियमन करके? शरीरवाणीमनको वशमें करके? शब्दादि विषयोंका त्याग करके और रागद्वेषको छोड़कर निरन्तर ध्यानयोगके परायण हो जाता है? वह अहंकार? बल? दर्प? काम? क्रोध और परिग्रहका त्याग करके एवं निर्मम तथा...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-52॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्विपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-52॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –द्विपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:विविक्तसेवी लघ्वाशी यतवाक्कायमानसः।viviktasevee laghvaashee yatavaakkaayamaanasah. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English विविक्तसेवी लघ्वाशी यतवाक्कायमानसः। ध्यानयोगपरो नित्यं वैराग्यं समुपाश्रितः।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो विशुद्ध (सात्त्विकी) बुद्धिसे युक्त? वैराग्यके आश्रित? एकान्तका सेवन करनेवाला और नियमित भोजन करनेवाला साधक धैर्यपूर्वक इन्द्रियोंका नियमन करके? शरीरवाणीमनको वशमें करके? शब्दादि विषयोंका त्याग करके और रागद्वेषको छोड़कर निरन्तर ध्यानयोगके परायण हो जाता है? वह अहंकार? बल? दर्प? काम? क्रोध और परिग्रहका त्याग करके एवं निर्मम तथा शान्त होकर ब्रह्...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-51॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकपञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-51॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय –एकपञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:बुद्ध्या विशुद्धया युक्तो धृत्याऽऽत्मानं नियम्य च।buddhya vishuddhaya yukto dhrtyaatmaanan niyamy ch. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:68Kb: Time Duration:00:17 View In English बुद्ध्या विशुद्धया युक्तो धृत्याऽऽत्मानं नियम्य च। शब्दादीन् विषयांस्त्यक्त्वा रागद्वेषौ व्युदस्य च।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ जो विशुद्ध (सात्त्विकी) बुद्धिसे युक्त? वैराग्यके आश्रित? एकान्तका सेवन करनेवाला और नियमित भोजन करनेवाला साधक धैर्यपूर्वक इन्द्रियोंका नियमन करके? शरीरवाणीमनको वशमें करके? शब्दादि विषयोंका त्याग करके और रागद्वेषको छोड़कर निरन्तर ध्यानयोगके परायण हो जाता है? वह अहंकार? बल? दर्प? काम? क्रोध और परिग्रहका...
Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-50॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – पञ्चाशत् श्लोक॥

Shrimad Bhagwad Geeta Shlok Chapter-18 Shlok-50॥ श्रीमदभगवदगीता श्लोक अष्टादश अध्याय – पञ्चाशत् श्लोक॥

गीता श्लोक
#BHAKTIGAANE #MAHABHARATSHLOK #MAHAKAVYASHLOK #CHAPTER18SHLOK #GEETASHLOK #GEETAUPDESH #BHAGWATSHLOK #KRISHNAUPDESH Geeta Shlok/Lyrics Name:सिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाप्नोति निबोध मे।siddhin praapto yatha brahm tathaapnoti nibodh me. Album Name : Shrimad Bhgwad Geeta Published Year : 2016 File Size:69Kb: Time Duration:00:17 View In English सिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाप्नोति निबोध मे। समासेनैव कौन्तेय निष्ठा ज्ञानस्य या परा।। ॥ श्लोक का अर्थ ॥ हे कौन्तेय सिद्धि(अन्तःकरणकी शुद्धि) को प्राप्त हुआ साधक ब्रह्मको? जो कि ज्ञानकी परा निष्ठा है? जिस प्रकारसे प्राप्त होता है? उस प्रकारको तुम मुझसे संक्षेपमें ही समझो। ...