भजन आरती संग्रह

Top 10 Aarti – Jai Ganesh Deva – Jai Shiv Omkara – Aarti Sangrah – Top Devotional Aartiyan

Top 10 Aarti – Jai Ganesh Deva – Jai Shiv Omkara – Aarti Sangrah – Top Devotional Aartiyan

भजन आरती संग्रह, विडिओ
"Watch And Download MP3 this video presenting top 10 aarti compilation. These aartis are dedicated to various gods like Ganesha, Shiva, Shani, Hanuman, Laxmi, Santoshi Mata etc. in magical voice of Kumar Vishu and Vandana Vajpayee whereas music is done by Chander Kamal. Make your day more special with enjoying and listening to such devotional songs. Stay blessed!
अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं Madhurashthkam Lyrics Bhajan

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं Madhurashthkam Lyrics Bhajan

भजन आरती संग्रह, श्री कृष्ण भक्ति गीत
Mp3/Lyrics Name : अधरं मधुरं , वदनं मधुरं , नयनं मधुरं , हसितं मधुरं | Aadhram Madhuram ,vadhnam madhuram,naynam madhuram, hasitham madhuram Singer Name : श्री शिर वल्लभाचार्य जी Publishing Year : 1983 Time Duration : 6.35 Min File Size : 5 MB     View English Lyrics अधरं  मधुरं , वदनं  मधुरं  , नयनं मधुरं , हसितं मधुरं , हृद्धयाम्  मधुरं , गमनं  मधुरं  , मधुराधिपते  अखिलं  मधुरं | वचनं  मधुरं , चरितं  मधुरं , वसनं  मधुरं , वलितं  मधुरं , चलितं  मधुरं , भ्रमितं   मधुरं  , मधुराधिपते अखिलं  मधुरं .|| वेणुर  मधुरा , रेणुर  मधुरा , पणीऱ मधुरा , पादौ  मधुरा , नृतयं मधुरं , साख्यं मधुरं , मधुराधिपते   अखिलं  मधुरं ||| गीतम  मधुरं , पीतम  मधुरं , भुक्तं  मधुरं ,सप्तम  मधुरं , रूपम  मधुरं , तिलकम  मधुरं , मधुराधिपते  अखिलं  मधुरं .|||| क...
राधे कृष्णा की ज्योति अलौकिक तीनो लोक में छाये रही है Lyrics Song

राधे कृष्णा की ज्योति अलौकिक तीनो लोक में छाये रही है Lyrics Song

भजन आरती संग्रह, श्री कृष्ण भक्ति गीत
Title Name :  राधे कृष्णा की ज्योति अलौकिक तीनो लोक में छाये रही Singer Name : श्रेया घोषाल  Album Name : Shri Krishna Published Year : 2007 File Size : 7  Time Duration : 5:00 View Hind English Lyrics राधे कृष्णा की ज्योति अलौकिक तीनो लोक में छाये रही है भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन फिर भी दीप जलाये रही है कृष्णा को गोकुल से राधे को कृष्णा को गोकुल से राधे को बरसाने से बुलाये रही है दोनों करो स्वीकार कृपा कर जोगन आरती गए रही है जोगन आरती गए रही है भोर भये ती सांज ढले तक सेवा कौन इतने महमारो स्नान कराये वो वस्त्र ओढ़ाए वो भोग लगाये वो लगत प्यारो कबसे निहारत आपकी और कबसे निहारत आपकी और की आप हमारी और निहारो राधे कृष्णा हमारे धाम को जनि वृन्दावन धाम पधारो राधे कृष्णा हमारे धाम को जनि वृन्दावन धाम पधारो ...